15 मार्च 2019 - 17:28
अमरीका की पराजय निश्चित हैः वरिष्ठ नेता

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़मेनेई ने कहा है कि शत्रु की पूरी क्षमता वाले आक्रमण के मुक़ाबले में ईरानी राष्ट्र ईश्वर पर भरोसा करते हुए अपनी क्षमताओं का अगर अधिक से अधिक प्रयोग करे तो ईश्वर, ईरान के महान राष्ट्र के संबन्ध में अपने सच्चे वादे को पूरा करेगा।

इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ईरान को विभिन्न क्षेत्रों में शत्रुओं के नाना प्रकार के षडयंत्रों का सामना रहा है।  इन षडयंत्रों का मुख्य कारण यह है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अपने फैसलों में किसी से अनुमति नहीं लेता और अपनी प्रगति के लिए देश की क्षमताओं के प्रयोग का पक्षधर है।  ईरान ने पिछले चार दशकों के दौरान शत्रुओं की ओर से राजनीतिक, आर्थिक और सैनिक हर प्रकार के षडयंत्रों का मुक़ाबला किया है।  अब इस्लामी क्रांति अपने जीवन के पांचवे दशक में प्रविष्ट हो चुकी है।  शत्रु अब भी यह प्रयास कर रहा है कि ईरान की प्रगति को हर संभव ढंग से रोका जाए।  ईरान की इस्लामी क्रांति ही संसार में एसी क्रांति है जिसका जनाधार बहुत मज़बूत है।  इसने एकता और वार्ता के माध्यम से क्रांतियों के इतिहास में बहुत अच्छा अनुभव प्राप्त किया है।  यही कारण है कि इस्लामी क्रांति, क्षेत्रीय राष्ट्रों के बीच अच्छे नाम से जानी जाती है।

पश्चिमी एशिया जैसे स्ट्रैटेजिक क्षेत्र में ईरान के सांस्कृतिक, राजनैतिक और सुरक्षा संबन्धी प्रभाव के कारण उसे एक प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में देखा जाता है।  वर्तमान समय में ईरान की स्थिति एसी है कि क्षेत्र के लिए किसी भी योजना का लागू होना ईरान के बिना संभव नहीं है।  निःसन्देह, इस्लामी गणतंत्र ईरान, मध्यपूर्व की एसी शक्ति है जिसने दाइश जैसे आतंकवादी गुट की इराक़ और सीरिया में कमर तोड़ दी।  इन्ही बातों के कारण ईरान से अमरीका और ज़ायोनी शासन की शत्रुता में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है।  अमरीकी अधिकारियों की ओर से ईरान के विरुद्ध आर्थिक प्रतिबंधों में वृद्धि को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।  जैसा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा है कि अमरीका और ज़ायोनी शासन, ईरानी राष्ट्र से मुक़ाबले के लिए अपने सारे साधन प्रयोग कर रहे हैं और ईरान की शत्रुता में यूरोपीय भी इनके पिछलग्गू बने हुए हैं।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि हम शत्रु के मुक़ाबले में अपनी समस्त संभावनाओं का प्रयोग करें तो हम अमरीका को एतिहासिक पराजय का स्वाद चखा सकते हैं।